लापरवाही से काटा गया पेड़ नास्ते के दुकान पर गीरा

लापरवाही से काटा गया पेड़ नास्ते के दुकान पर गीरा


तलोधी (यश कायरकर)
         मनुष्य हानी टली पर हजारों का नुकसान.
तलोधी (बा.) नागभीड मूल रोड का चौड़ीकरण का काम चल रहा है. जिस तरह से यह आनन-फानन में पर कछुआ गति से काम चल रहा है. उससे राहगीर, वाहन चालक, और जिन गांव से काम चल रहा है उन गांव वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी के चलते रास्तों को आड़ा खोदकर सिमेंट के बडे पाईप  डाली गई मगर उसके ऊपर गिट्टी भराई का काम जिस घटिया तरीके से किया गया उस वजह से रास्ते पर आड़े बड़े-बड़े गड्ढे बन गए . जिसमें इस रास्ते पर चलने वाले भारी ट्रक और बाकी और वाहनों का काफी नुकसान हुआ . इन गड्ढों से उछलकर कई वाहन पलटी हुए सावरगांव के नजदीक इसी वजह से 1 दिन में 4 गाड़ियां और एक सिंदेवाही के पेट्रोल पंप मालिक का डीजल टैंकर पलटी हो गया था. इस तरह लापरवाही भरे काम से सावरगांव के नजदीक काफी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं .
और अब बारी है जल्दबाजी में और लापरवाही से होने वाले पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की. इसी आनन-फानन में हो रही पेड़ों की कटाई और उस पर भी पेड़ काटने वाले मजदूरों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है. आज इसी के चलते सावरगांव बस स्टॉप पर काफी पुराना और काफी बड़ा एक बबूल का पेड़ काटा गया. मगर वह पेड़ क्रेन से गिराते वक्त अनियंत्रित होकर पास के ही रविराज होटल पर गिर गया. वक्त रहते होटल का कारा गीर रवि रामटेके बाहर निकल आया. नहीं तो दबने से उसकी जीव हानि भी हो सकती थी . और बाजू के ही राहुल बारसागडे के सलून के सेट पर भी उसकी बड़ी-बड़ी शाखाएं गिरने से उस सलून का भी भारी मात्रा में नुकसान हुआ  वक्त रहे थे लोग होटल से बाहर निकल गए वरना बहुत बड़ा हादसा हो सकता था. फिर भी होटल के सेट पर इतना बड़ा पेड़ गिरने से काफ़ी बढ़ी मात्रा मे  नुकसान रवि रामटेके और राहुल बारसागडे का हुआ है.
          बिना किसी पूर्व सूचना के  गांव के रास्ते के बाजू में खड़े बड़े-बड़े पेड़ पेड़ों को इस तरह हड़बड़ी में काटना कुछ सवाल पैदा कर रहा है. संबंधित विभाग के अधिकारियों को और जिस भी ठेकेदार का एक कार्य चल रहा है उसके इंजीनियर को मौके पर उपस्थित रहकर पूरी व्यवस्था के साथ ऐसे कार्य करने चाहिए . जो भी हो पर जिन लोगों का हजारों का नुकसान हुआ है और मरम्मत के लिए फिर से  और व्यवसाय खड़ा करने के लिए हफ्ते का वक्त गुजर जाएगा. जिसमें मेहनत और कमाई का भी काफी नुकसान हुआ है. उसका भुगतान संबंधित ठेकेदार करने के बाद में ही गांव के पेड़ों को कटाई करने देने की बात पीड़ित और गांव वालों द्वारा हो रही है.
✍🏻 यश कायरकर.

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झिंदाबाद!