तलोधी (बा.) परिसर में चल क्या रहा है? पुलिस विभाग की कार्रवाई पर आम जनता का सवाल.



यश कायरकर:
      तलोधी बालापुर पर पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाले संपूर्ण प्रभाग में आजकल जो अवैध गतिविधियां, अवैध व्यवसाय, मारामारी, स्टूडेंट और लड़कियों के साथ गैर व्यवहार, विनय भंग, चोरीयां, अवैध उत्खनन,खुलेआम बालू /रेत तस्करी, खुलेआम लाखों के जुएं, सट्टा,और जगह-जगह पर शराब बिक्री,जैसी बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने की बजाए इन घटनाओं को नजरअंदाज करने पर तलोधी पुलिस पर परिसर के सुशिक्षित नागरिकों और लोगों द्वारा पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
 अभी तलोधी पुलिस स्टेशन परिसर में  परिसर के एक जंगल की एक तरफ फार्म हाउस पर जिले के और बाहर जिले के कारोंसे लोग आकर कथीत तौर पर करोड़ का जुआ खेलने की चर्चा जोर शोर से चल रही है। और इस पर पुलिस की खामोशी और नजरअंदाजी पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं पर फार्म हाउस मालिक और जुआं अड्डे पर छापा मार कर कार्रवाई करने की मांग अशोक बंडीवार, अध्यक्ष राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी चिमुर इन्होंने की है।
      तलोधी में पुराने बस स्टॉप पर चौक में ही बावनथडे कांप्लेक्स में 30 मार्च को दो दुकानों में और बस्ती में एक दुकान में चोरी की वारदात हुई थी जिसे पुलिस की सजगता पर सवाल खड़े किए। परिसर में चिखलगांव और पलसगांव नजदीक से बोकोडोह नदी घाट से मुल-नागपुर हाईवे से पुलिस स्टेशन के नाक के नीचे से रात भर ट्रैक्टरों में रेत धुलाई होती है, और खतरे की बात यह है की रेट धुलाई करने वाले डॉक्टर दूर से समझ में ना आए इसलिए एक लाइट बंद करके एक ही लाइट पर ट्रैक्टर चलाते हैं। जिससे सामने से आ रहे गाड़ी वाले को अंधेरे में ट्रैक्टर दिखाई नहीं देता, और इससे बहुत बड़ी अनहोनी होने की आशंका बड़ी हुई है। जिससे लोगों में भय और रोष व्यक्त है। यह रेत तस्करी पुलिस स्टेशन के सामने से होती है। फिर भी इस और अनदेखी की पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
    परिसर में शराब बिक्री शासन द्वारा चालू होने के बाद में भी हर गांव में अवैध नकली शराब बिक्री जोर-जोर से चल रही है। जो कि शराब डुप्लीकेट होने की वजह से लोगों के सेहत के साथ खिलवाड़ हो रही है। और यह सब पुलिस के सामने हो रहा है। साथ में ही परिसर में गेम सट्टा लेने वालों की भी बड़ी मात्रा होने की हर गांव में चर्चा है जीस और भी अनदेखी की जा रही है। साथ में ही परिसर में कई घटनाओं में लोगों की भीड़ द्वारा युवकों को मारने की घटनाएं भी सामने आ रही है। और 112 पर कॉल करने पर भी कुछ घटनाओं में पुलिस कार्रवाई नहीं करने की और मदद न करने की भी बातें लोग कर रहे हैं। इस तरह की पुलिस की खामोशी से एक रेती तस्कर और कुछ गुंडा प्रवृत्ति के लोगों की हौसले बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं जिससे लोगों में डर बढ़ रहा है। और पुलिस के इस  मुकदर्शक बने रहने के काम पर सवाल उठ रहे हैं। और ऐसे दबंग लोगों पर और अवैध धंधों पर लगाम लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दख़ल दी जाएं और पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाए इसकी मांग लोगों द्वारा उठ रही है।

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

झिंदाबाद!