गोसीखुर्द नहर में गिरी नीलगाय 2 घंटे मेहनत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

गोसीखुर्द नहर में गिरी नीलगाय 2 घंटे मेहनत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।
तळोधी (बा.):
        ब्रह्मपुरी वन विभाग ब्रह्मपुरी अंतर्गत आने वाले तलोधी बालापुर वन परिक्षेत्र के मौजा सावंगी , कक्ष क्रमांक 273 से गुजरने वाले गोसीखुर्द नहर मे आज एक नर निलगाय अंदाजे छह साल गिरने की जानकारी स्वाब संस्था को मिली, जिसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। जिसके अनुसार वन विभाग व स्वाब बचाव टीम मोक्के पर पोहचकर दो घंटे तक मेहनत करके उसे सकुशल जाल , रस्सी के सहारे बाहर निकाला। और पशु वैद्यकीय अधिकारी डॉ. इशा आकरे द्वारा जांच करने के बाद उसे जंगल मे सुरक्षित छोड दिया।
 इस बचाब मोहीम में वन विभाग के क्षेत्र सहायक अरविंद मने, वनरक्षक राजेंद्र भरने, उनकी उपस्थिति में स्वाब संस्था के बचाव दल प्रमुख  प्रमुख जिवेश सयाम, स्वाब चे अध्यक्ष यश कायरकर, जीवन गुरनुले, गणेश गावतुरे, सुरज नेवारे, आदित्य नान्हे, गणेश गुरनुले, मागोवा पथक के महेश बोरकर, विलास लेनगूरे, झोडे इत्यादि ने सहकार्य किया।
     विशेष रूप से, क्योंकि पवनी से चंद्रपुर जाने वाली यह गोसेखुर्द नहर पूरे तलोधी वन क्षेत्र के जंगल से होकर गुजरती है और चूंकि यह नहर खुली है, इसलिए नागभीड़ और तलोधी वन क्षेत्र के जंगली जानवर लगातार इस नहर में गिरते हैं। कुछ महीने पहले, नागभीड़ वन क्षेत्र में दो जंगली गौर  गिरे, जिसमें से एक मृत हुआ था। फिर तलोधी वन क्षेत्र में कुछ नीलगाय, कुछ जंगली सूअर, पांच चीतल, और घरेलू गाय, बैल, भैंस, और कुछ दिन पूर्व दो इंडियन गांव इसी नर में गिरे थे जिसे 10 घंटे की तक मेहनत के बाद निकल गया था।लगातार इस नहर में गिरते रहते हैं।      
        "वन्यजीवों को इस नहर से आवागमन की सुविधा देने कुछ अंतर पर पुलिया, कुछ दूरी पर नहर पर चढ़ने के लिए सीढ़ियाँ बनाना आवश्यक है। और हमारे संस्था की ओर से निवेदन के माध्यम से बार-बार ऐसी माँग की है। हालाँकि, चूँकि प्रशासन और गोसीखुर्द निर्माण विभाग इसे अनदेखा कर रहे हैं, इसलिए वन्यजीवों के जीवन की बड़ी हानि को टाला नहीं जा सकता। इस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।" - यश कायरकर, वन्यजीव अभ्यासक और 'स्वाब फाउंडेशन' के अध्यक्ष।

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

झिंदाबाद!