घोडपड की शिकार मे चार आरोपी गिरफ्तार



चंद्रपुर : मोहम्मद सुलेमान बेग

बारिश के शुरू होते ही मैदान से बाहर घोरपड़ निकल आते हैं। घोड़पड अपने स्वास्थ्य लाभदायक माना जाता है इस प्रकार की अंधविश्वास लोगो मे आज भी हैं उसी वजह से उनके मास की कीमत अधिक होने से उनका शिकार किया जाता है,
22 जुन शाम के वक्त घोरपड सहित चार आरोपीयो को वनरक्षक ने गिरफ्तार किया और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुछताच करने पर पाया गया कि घोड़पड को खाने के लिए पकड़ा गया था। 22 जून की शाम को, वनरक्षक उज्जवला मडावी उस पर कड़ी नजर रख रही थीं, जब उन्हें पता चला की कोठारी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कावडजई क्षेत्र में घोडपड का शिकार किया जा रहा है। कोठारी क्षेत्र मे आनेवाले नियतक्षेत्र से रोड से आ रहे शक के आधार पर जाचं के द्वारान घोडपड पाया गया इसमे कवडजई के दशरथ आश्रम, रुपेश कोडापे, गुलशन मेश्राम और रोशन कोडापेे को गिरफ्तार किया गया और उन्हें वन परिक्षेत्र कार्यालय, कोठारी में लाया गया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत एक वरिष्ठ वन परिक्षेत्र अधिकारी के मार्गदर्शन में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा।
एस.आर लंगडे के नेतृत्व में, क्षेत्र सहायक डी. एस बावणे, वनरक्षक उज्ज्वला मडावी, एस.टी. टेकाम, यू. बी. धानोरकर ने किया है। वरिष्ठ वन अधिकारी के मार्गदर्शन में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची एक में शामिल है, जिससे गंभीर सजा हो सकती है।

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