बाघ के हमले में तलोधी और शिंदेवाही मे दो कि मौत
(तलोधी में महिला की मौत, गैस टंचाई की बनी शिकार तो दुसरा सिंदेवाही में वृद्ध आदमी महुआ फूल चुनते हुए शिकार)
यश कायरकर (नागभीड/सिंदेवाही):
बाघ के हमले में एक हि दिन में सिंदेवाही और नागभीड तालुका में दो लोगों की मौत। नागभीड तालुका के तलोधी में एक महिला के मौत की घटना आज सुबह घटित हुई। तो सिंदेवाही तालुका के मरेगाव चक में एक आदमी की मौत की घटना ने वन विभाग की परेशानी बढ़ा दी।
विस्तृत जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुरी वन विभाग ब्रह्मपुरी के अंतर्गत तळोधी बा. और सिंदेवाही दोनों ही वन परिक्षेत्र हैं । तलोधी वन परिक्षेत्र अंतर्गत तळोधी बीट में सावरला गांव नजदीक आज सुबह 7 बजे कक्ष क्रमांक 89 के पास जुड़पी वन क्षेत्र में तळोधी की महिला प्रेमीला वाटघुरे उम्र 45 घर में चूल्हा जलाने के लिए लड़कियां लाने गई थी, जो जंगल में बाघ के हमले में मारी गई।
घरों में खाना बनाने के लिए घरों में गांव में गैस की तळोधी परिसर में खासी टंचाई हो रही है। जिसके चलते लोगों को खासकर ग्रामीण महिलाओं को चूल्हा जलाने के लिए जान जोखिम में डालकर जंगल से लकड़ियां लानी पड़ रही है। लड़कियां लाने गई एक महिला बाघ का शिकार हो गई। पास मौजूद महिलाओं ने शोर मचाकर इसकी जानकारी लोगों तक और वन विभाग तक पहुंचाई गई जिसके बाद वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी अरूप कन्नामवार इनके मार्गदर्शन में क्षेत्र सहायक अरविंद मने ,वनरक्षक राजेंद्र भरने वनरक्षक बांगर मैडम तथा मगोवा पथक की टीम और स्वाब संस्था के यश कायरकर और सदस्य मौके पर पहुंचे। मृत महिला को बाघ घटनास्थल से 150 मीटर दूर छोटे तालाब की तरफ घास की झाडीयों में लेकर गया था। तळोधी पुलिस स्टेशन के थानेदार राहुल गुहे की मौजूदगी में शव का मोक्का पंचनामा कर शव विच्छेदन के लिए नागभीड ग्रामीण अस्पताल भेजा गया। वन विभाग द्वारा तत्काल आर्थिक मदद की गई।
दूसरी घटना में सिंदेवाही वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले तांबेगडी मे़ढा उपक्षेत्र और मरेगाव नियत क्षेत्र मारेगांव चक निवासी बलिराम दावसा पेंदाम, उम्र 81 वर्ष, को मारेगांव बिट, सेल के.1375 पी.एफ. में सुबह से ही महुआ फूल इकट्ठा करने के लिए गया था जो वापस न आने पर वन विभाग को शाम को सूचित किया गया जिसकी सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजलि बोरावार/सायंकार मैडम के मार्गदर्शन में क्षेत्र सहायक संतोष पेंदाम और वन कर्मचारी और आरआरयू टीम सिंदेवाही घटनास्थल पर पहुंचे। और सिंदेवाही पुलिस की उपस्थिति में घटनास्थल पंचनामा कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिंदेवाही ग्रामीण अस्पताल लाया गया। वहां मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता दी गई।
दोनों ही वन परिक्षेत्र में बाघ की हलचल पर नजर रखने के लिए घटनास्थल पर वन विभाग द्वारा 10 -10 ट्रैप कैमरे और 2-2 लाइव कैमरे बांध दिए गए। और परिसर में वन कर्मचारी की गस्तबढ़ा दी गई। और वन विभाग द्वारा परिसर के लोगों से निवेदन किया जा रहा है "कि कोई भी व्यक्ति महुआ फूल चुनने, तेंदूपत्ता या फिर लड़कियां लाने के लिए जंगल में एकदम सुबह से 8:00 तक प्रवेश न करें। या फिर शाम को ज्यादा देर तक जंगल में ना रहे। और जंगल में बाघों का बसेरा होने की वजह से जंगल में जाने की कोशिश ना करें। अपनी जान बचाए और सुरक्षित रहे।"



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