यमदूत बनके दौड़ रहे हैं रास्तों पर बिना नंबर प्लेट के टिप्पर.


नागपुर आर.टी.ओ. और ट्राफिक पुलिस की अनदेखी या मिलीभगत.?
इनपर अंकुश कौन लगाएगा?
तळोधी बा (यश कायरकर)
    नागपुर - उमरेड - नागभीड - सिंदेवाही- मूल -चंद्रपुर हाईवे पर फर्राटे से और मौत का यमदूत बनके आए दिन किसी ना किसी को कुचलते हुए, और स्थानिक पुलिस और लोगों की आंखों में धूल झोंक कर रेस लगाकर हायवे पर दौड़ रहे यह मौत के यमदूत। 
      अक्सर यह रेत या गिट्टी से भरे हुए और क्षमता से अधिक भरे हुए यह टिप्पर/ ट्रक रेती की तस्करी करके जल्दी से जल्दी दो फेरीया मारने के चक्कर में लोगों को कुचलते हुए इस रास्ते से तेज़ गति से दौड़ते हुए अक्सर देखे जा रहे हैं।  मगर कोई आंखों से इन्हें किसी राहगीर को कुचल कर भागते हुए देख भी ले तो भी ईन ट्रक/टिप्परों के पीछे नंबर प्लेट ना होना या फिर नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर उसे मिटाया हुआ होने की वजह से स्थानिक पुलिस भी पकड़ नहीं पाती है।
    कल रात को पलस गांव खुर्द के पास से बनने वाली बुक ऑर्डर नदी के पुलिया के ऊपर खड़ी बाइक व और कार को टक्कर मारी जिस दुर्घटना में मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। और यह टिप्पर चालक ट्रक लेकर भागने में कामयाब हो गया।
        कुछ दिनों पूर्व सावरगांव निवासी युवक को रास्ता पार करते वक्त एक पीले रंग के नागपुर से सिंदेवाही की तरफ जा रहे हैं गिट्टी से भरे टिप्पर ने सावरगांव के बस स्टॉप पर ही कुचल दिया, और सिंदेवाही की तरफ भाग गया । वहां मौजूद लोगों ने आंखों से  उस टिप्पर को देखा था मगर पुलिस उसको तात्काल पकड़ने में नाकामयाब रही। माहौल बिगड़ा और सावरगांव के लोगों ने रात को तिन घंटे तक रास्ता जाम कर के रखा था । और देखते ही देखते सिर्फ 14 कि.मी. के रास्ते पर से गायब हो गए फरार टिप्पर को पकड़ने की मांग परिवार और सावरगाव की जनता करती रही। आनन-फानन में लोगों को समझा-बुझाकर माहौल शांत किया गया। 
          *मगर आए दिन इस तरह की वारदातें  उमरेड-भिवापुर - मोहाडी- नागभीड  - सावरगांव - तलोधी- सिंदेवाही  इस रास्ते पर देखने को मिल रही है।  मगर स्थानीय पोलीस इन मौत के यमदूत बनकर दौड़ रहे और लोगों को कुचलकर मिस्टर इंडिया की तरह गायब हो रहे इन टिप्पर ट्रकों को पकड़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । और इसकी एक ही वजह है जो है इन टिप्पर/ ट्रकों के पीछे लिखे नंबर प्लेट ना होना या फिर इन नंबर प्लेट पर ग्रीस से पुताई कर नंबर मिटाया जाना।*
    नागपुर - उमरेड  - भिवापुर - नीलज-  नागभीड - सिंदेवाही करीब डेढ़ सौ किलोमीटर के इस सफर में इस हाईवे पर जगह जगह पर नागपुर आर.टी.ओ. टिम , भिवापुर - पवनी ट्राफिक पुलिस तैनात रहते हैं फिर भी रोज इस रास्ते से सैकड़ों गिट्टी और रेत ढुलाई करने वाले टिप्पर गुजरते हैं।  उन  100 में से 80-90 ट्रकों पर टिप्पर पीछे की तरफ नंबर प्लेट नहीं होना या फिर नंबर प्लेट मिटायी हुई होना या फिर इस रास्ते पर कई ऐसे टिप्पर देखे गए हैं जहां आगे की नंबर प्लेट अलग और पीछे की नंबर प्लेट अलग है।  फिर भी इन नागपुर के आर. टी.ओ. ,ट्राफिक पोलीस चौकीयों की आंखों में धूल झोंक कर यह ट्रक रात - दिन धड़ल्ले से किस तरह से चल पा रहे हैं ? यह भी सभी लोगों में कुतूहल का विषय और चर्चा का विषय बना हुआ है । 
       जहां एक तरफ कोई अपनी फैमिली कार से नागपुर जाता है तो नागपुर आरटीओ टिम जो कि उमरेड के बीच में  हायवे  पर कहीं खड़ी रहती है वह सिर्फ फैमिली कार की नंबर प्लेट फैंसी होने की वजह से 1000(एक हजार ) - ₹2000 (दो हजार)का जुर्माना वसूलती है , और स्थानीय पुलिस भी  कोई बाइक सवार इन रास्तों से गुजरता है तो नंबर प्लेट , या गाड़ी के कागज़ बराबर ना होने की वजह से , या फिर ड्रंक एण्ड ड्राइव के लिए भी हजारों रुपए का दंड वसूलते हैं। एक तरफ यह स्थानीक पुलिस कार्रवाई सराहनीय है, *पर वह इन ट्रकों के टिप्परोंके नंबर प्लेट ना होने, और ज्यादातर ड्रंक एण्ड ड्राइव करते हैं पर उनके प्रति आंखें मूंद के क्यों चुपचाप रहती है?* और इन रास्तों पर किस तरह धड़ल्ले से दौड़ते हैं ?   यह भी इन आर.टी.ओ. , ट्राफिक पुलिस और उनकी निष्ठा के प्रति बहुत बड़ा और गंभीर प्रश्न निर्माण करते हैं । 
          जब ऐसे कोई टिप्पर किसी राहगीर को कुचल के भाग जाते हैं तो कोई इनका नंबर नहीं देख पाता । या फिर गलत नंबर होता है जिस वजह से स्थानिक पुलिस को उन हादसों में लिप्त ट्रकों को पकड़ने में काफी दिक्कत होती है । और फिर जिस वजह से रास्ते पर  कुचल के मरने वाले आम आदमी या फिर कोई गरीब आदमी का परिवार किसी भी आर्थिक सहायता के बिना भी बर्बाद हो जाता है । प्रशासन या फिर स्थानिक पुलिस को भी अब नागपुर/चंद्रपुर आर.टी.ओ. और तस्करी करने वाले बिना नंबर प्लेट वाले ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा कहीं ऐसा ना हो लोगों के सब्र और सहनशीलता का बांध टूट जाए और इन मौत के यमदूत को रास्तोंपर लोगों को कुचल कर भागने से रोकने के लिए खुद रास्तों पर उतर कर बहुत बड़ा आंदोलन छेड़ना ना पड़ जाए।
     "नागभीड - सिंदेवाही, नागपुर - ब्रह्मपुरी रास्ते पर रेत और गिट्टी लदे हुए  ट्रक टिपर जो चलते हैं उनमें से ज्यादातर गाड़ियों के पीछे की तरफ नंबर प्लेट नहीं है,  या फिर कोई दो आंकड़े ग्रीस लगाकर मिटा दिए गए हैं अभी इस तरह के हादसों को देखते हुए अभी उनके ड्राइवरों की और गाड़ियों की चौकसी कर उन पर कार्रवाई की जाएगी ।"
      - मंगेश बी.भोयर, पोलीस  निरीक्षक, पुलिस स्टेशन तलोधी(बा.).

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

झिंदाबाद!