100 साल पुराने बरगद के पेड़ को बचाने की मांग
100 साल पुराने बरगद के पेड़ को बचाने की मांग
तलोधी(बा.) (यश कायरकर)
राज्य मे चरों तरफ विकास हेतु नये नये रास्तों का निर्माण और पुराने रास्तों के चौडाई करन का कार्य बडे पैमाने पर चल रहा है. ईसी कार्य के चलते लाखों, करोड़ों छोटे-बडे पेड़ोंकी कटाई भी की जा रही हैं.
नागभीड-तलोधी-मुल राज्य महामार्ग के चौडाईकरन का काम किया जा रहा हैं जिसमें ईस मार्ग के आजुबाजू के बडे बडे पेड़ भी काटने का काम किया जा रहा है.
तलोधी से मुल मार्ग पर जवाहर नवोदय विद्यालय नजदीक से नेरी-चिमुर के लिए जो रस्ता जाता हैं ऊस मोड पर अंग्रेजों के जमाने से शेकडो साल पुराना एक विशालकाय बरगद़ का पेड़ हैं. नवोदय विद्यालय में आने जाने वाले पालक, बस का ईंतजार कर रहे राहगीरों के लिए धुप हो या बरसात से बचने का काम कर राहत देता हैं. ठेकेदार द्वारा ऊस विशालकाय और छायादार पेड की कटाई कभी भी सुरु होने वाला है. पर इस परीसर के लोगों, पर्यावरण वादी संस्थाओं, जवाहर नवोदय विद्यालय सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, ओर हमेशा ईस रास्ते से गुजरने वाले लोगों द्वारा ईस बरगद़ के पेड़ को बचाने की मांग कि जा रही हैं. और नागपुर से मुल-चंद्रपुर तक के मार्ग पर शेकडो साल पुराने और अत्यधिक आवश्यक ईस एक विशाल पेड को बचाने की मांग स्वाब नेचर संस्था के अध्यक्ष श्री कायरकर द्वारा रस्ते बांधकाम विभाग से की गई हैं. प्रशासन और संबंधित विभाग ईस पेड़ की उपयोगिता को ध्यान में रखकर उसे जरूर बचा लेंगे लोगों को ये आस और मांग भी हैं.



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झिंदाबाद!