अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुआ मृत, सावली वन परीक्षेत्र की घटना. कब रुकेगा यह सिलसिला.?
अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुआ मृत, सावली वन परीक्षेत्र की घटना.
इस तरह के वन्य जीव के मौतों का यह सिलसिला रोकने के लिए , या इन घटनाओं में कमी लाने के लिए वन विभाग और शासन ने जहां-जहां ऐसे वन्यजीव की भ्रमंती का मार्ग है वहां पर उड़ान पुल या बोगदे बनाना अनिवार्य है। और बनाने भी चाहिए ।ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।"
कब रुकेगा यह सिलसिला.?
यश कायरकर,
सावली वन परिक्षेत्र में आने वाले मूल - गडचिरोली हाईवे पर रात को करीबन 12:00 बजे के आसपास मूल से 4 किलोमीटर दूर आई.टी.आई. कॉलेज, आकापुर गांव के पास किसी आध्यात वाहन की टक्कर लगने से एक पूर्ण विकसित मादा तेंदुआ की मौत हुई है।
यह घटना सावली रेंज के टेकाडी बीट , में घटित हुई। घटना की जानकारी मिलते ही सावली वन परिक्षेत्र के वन कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मृत तेंदुए को टी.टी.सी. ट्रीटमेंट ट्रांजैक्ट सेंटर चंद्रपुर मे भेजा गया।
"इस घटना ने फिर से उजागर किया है कि चंद्रपुर जिले में अक्सर रस्ते अपघात मे कई वन्य जीव मारे जाते हैं। जिनमें से मूल से चंद्रपुर ताडोबा का जंगल के बीच से होता हुआ गुजरा हुआ रास्ता जिसमें अक्सर भालू ,तेंदुए, निलगाय, सांभर चीतल ऐसे कई जंगली जानवरों की मौतें हुई हैं। नागभीड से शिंदेवाही, नागभिड-ब्रम्हपुरी, चंद्रपुर-वरोरा, की तरफ के बड़े-बड़े हाईवे पर जहां से जंगल है और वन्य जीव की भ्रमंती है उसे जगह में भी इस तरह की घटनाएं अक्सर घटित होती है। जिनमें कभी जंगली जानवरों को तो कभी इंसानों को भी अपनी जान गंवानी पड़ती हैं।
इस तरह के वन्य जीव के मौतों का यह सिलसिला रोकने के लिए , या इन घटनाओं में कमी लाने के लिए वन विभाग और शासन ने जहां-जहां ऐसे वन्यजीव की भ्रमंती का मार्ग है वहां पर उड़ान पुल या बोगदे बनाना अनिवार्य है। और बनाने भी चाहिए ।ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।"





कोणत्याही टिप्पण्या नाहीत:
झिंदाबाद!