आवलगांव (गांगलवाडी) त्रिवेणी घाट पर पुजारीयों द्वारा लुट


आवलगांव घाट पर अस्तिवीसर्जन के लिए आने वाले लोगों की पुजा के नाम पर लुट
पंडित जी जबरन और श्राप देने की धमकी देकर करने लगे हैं मनचाही वसुली



तलोधी (बा.) यश कायरकर.
ब्रम्हपुरी- तहसील में आने वाले, और वैनगंगा-गाढवी-और खोबरागड़ी इन तीनों नदी का त्रिवेणी संगम होने से आवलगांव लोगों के लिए श्रद्धा का स्थान है. यहां पर हर रोज परिसर क्षेत्र से ही नहीं तो बाहर से भी लोग अपने परिजनों की अस्थियां त्रिवेणी संगम पर विसर्जन के लिए लाते हैं.
ऐसे ही आज एक परिवार वाले अपने रिस्तेदारो के साथ आवलगांव(गांगलवाडी) त्रिवेणी संगम पर अस्तिवीसर्जन के लिए आए थे . और मरने वाले की आत्मशांति के एक पंडित से पुजा पाठ किया गया. और पंडित जी को दक्षिणा के तौर पर १०००/- एक हजार रुपए भी दिए गए,पर पंडित जी ने सिर्फ हजार रुपए भिक दे रहे हैं क्या कहकर हजार रुपए लेने से मना कर दिया. और २१००/- इक्कीस सौ रुपए मांगने लगे. पुजा पाठ कराने वाले एक हजार रुपए ही देने पर अडे तो पंडित हाथ में कंकड़ उठाकर 'तुम लोग इक्कीस सौ रुपए ही दो वर्ना तुम लोगों को श्राप दे दुंगा' इस तरह की धमकी देने लगा.
पर वहां मौजूद अ.भा.अनिस के नागभीड तालुका सचीव यश कायरकर उपस्थित थे उन्होंने पंडित जी को 'जादुटोना विरोधी कायदे' के बारे में विस्तार से जानकारी दी और जादुटोना विरोधी कायदा २०१३ के कलम नं. २ के पोट कलम ५ के तहत, इस तरह से किसी को भी डरा धमकाकर पैसे लेना कानुनन गुनाह है और इसके लिए कम-से-कम (६)छह महीने से ज्यादा से ज्यादा (७)सात साल तक की जेल और कम-से-कम(५०००/-) पांच हजार रुपए से ज्यादा से ज्यादा (५००००/-) पचास हजार रूपए तक का दंड स्वरूप सजा हो सकती है' यह जानकारी दी.
तब पंडित जी ने पुजा पाठ कराने वाले से चुपचाप एक हजार रुपए की दक्षिणा ली. मगर रोज आने वाले लोगों से इसी तरह से खुद में दैवी शक्ति होने की और श्राप देने की धमकी देकर जबरन और मना करने पर डरा धमकाकर पैसे लेकर लुटने की बात सामने आई है.

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